प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

12 January 2013

अजीब सी चिड़िया.....

वक़्त!
एक ऐसी चिड़िया है
जिसे कोई शिकारी
कितने ही दाने डाल कर
फंसा नहीं सकता
अपने जाल में ।
पर ऊंची उड़ान भरती
तीखी चोंच वाली
यह चिड़िया
सुनाती हुई
कभी कौवे जैसे
कर्कश स्वर
और कभी
कोयल जैसे
सुरीले गीत गा कर
बांधे रखती है
हर शिकारी को
अपने मोह पाश में!   

©यशवन्त माथुर©

6 comments:

  1. शुभप्रभात :))
    बांधे रखती है
    हर शिकारी को
    अपने मोह पाश में!
    सच में ,
    वक्त का हर शै गुलाम !!
    शुभकामनायें !!

    ReplyDelete
  2. बहुत खूब...

    जिंदगी
    जैसे भागती ट्रेन
    खुशी
    जैसे बिजली के तार पर
    क्षण भर के लिए दिख जाती
    चिड़िया।
    ....

    ReplyDelete
  3. waah! sunder, bhaav pradhan rachna
    shubhkamnayen

    ReplyDelete
  4. वक्त से कौन जीत सकता है..?

    ReplyDelete
  5. वक्त के मायाजाल से कोई नहीं बच पाया है..
    हर अच्छे -बुरे में वक्त में वक्त ने लोगो को फसाया है...
    बेहतरीन रचना....

    ReplyDelete
1261
12027
+Get Now!