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09 January 2015

कुछ लोग -9

कुछ लोग
समझते हैं
सिर्फ खुद को सही
दूसरे को गलत
उनके तर्क
उनकी बातें
उनकी सोच
उनके विचार
उनके व्यवहार
व्यक्त होते रहते हैं
कभी उनकी कलम से
कभी उनके मुख से
और उनके मन के कपाट
बंद रहते हैं
नयी प्रगति
नयी उम्मीदों के लिए ....

दिल से दिल तक
जज़्बातों से भरे
कुछ लोग
अपनी वैज्ञानिकता से
रूढ़ियों
अंध मान्यताओं को
मजबूत करते हुए 
दिमागी संकुचन को
फैलाव
समझते हुए
उलझे रहते हैं
मकड़ जाल के भीतर  ....

फिर भी वो
और उनकी बातें
श्रेष्ठ होती हैं
सिर्फ उनके
अपने पैमाने पर।

-यशवन्त यश©

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