प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

10 November 2015

उम्मीदें....

न जाने किस नशे में
कभी कभी
लड़खड़ा जाते हैं कदम
न जाने किन उम्मीदों में
कभी कभी
बढ़ते जाते हैं कदम
जो भी हो
ये उम्मीदें
कभी उत्साह देती हैं
कभी तनाव देती हैं
फिर भी
नहीं छोड़ती हैं साथ
हर पल कर कहीं।


~यशवन्त यश©

2 comments:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (11.11.2015) को "दीपावली विशेषांक"(चर्चा अंक-2157) पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, सादर...!

    ReplyDelete
  2. बेहतरीन प्रस्तुति,

    ReplyDelete
1261
12026
+Get Now!